साँप-सीढ़ी के नियम
100 खानों के board पर अपने मोहरे को सबसे पहले 100 तक पहुँचाएँ। हर बारी पासा फेंकें। सीढ़ी के नीचे पहुँचने पर ऊपर चढ़ें; साँप के मुँह पर रुकने पर उसकी पूँछ तक नीचे जाएँ।
- 100 पर ठीक संख्या से पहुँचना ज़रूरी है; अधिक अंक आएँ तो मोहरा नहीं चलता।
- एक डिवाइस पर दोस्त के साथ खेलें या computer चुनें।
- पासा, सीढ़ी, साँप और जीत की अलग ध्वनियाँ हैं।
बच्चों और परिवार के लिए सरल, chance-based game—कोई login या download नहीं चाहिए।
इतिहास और रोचक बातें
साँप-सीढ़ी की जड़ें प्राचीन भारत में मानी जाती हैं। पुराने समय में इसे 'मोक्ष पटम' या 'ज्ञान चौपड़' कहा जाता था, जिसमें सीढ़ियाँ अच्छे कर्मों और साँप बुरी आदतों के प्रतीक माने जाते थे। 19वीं सदी के आखिर में यह खेल इंग्लैंड पहुँचा और 'Snakes and Ladders' नाम से दुनिया भर में मशहूर हो गया। छोटे बच्चों के लिए यह गिनती, अपनी बारी का इंतज़ार करने और हार-जीत को सहजता से लेने का अच्छा अभ्यास है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या साँप-सीढ़ी में कोई रणनीति काम करती है?
नहीं, यह पूरी तरह किस्मत का खेल है। पासे पर 1 से 6 तक हर अंक आने की संभावना बराबर (1/6) होती है, इसलिए छोटे बच्चे भी बड़ों को हरा सकते हैं।
क्या computer पासे में बेईमानी करता है?
नहीं। Computer के लिए भी वही random पासा इस्तेमाल होता है जो आपके लिए होता है – दोनों की जीत की संभावना बराबर है।
क्या इसे खेलने के लिए app डाउनलोड करना पड़ेगा?
नहीं। पेज खुलते ही खेल आपके ब्राउज़र में चलने लगता है – कोई app, लॉगिन या फीस नहीं।