🧾 Income Tax पूरी गाइड in Hindi – FY 2026-27

26 अगस्त 2026 · GyanTools · पढ़ने का समय: ~13 मिनट

1. टैक्स क्या है और कौन भरता है

आयकर वो कर है जो सरकार व्यक्तियों की आय पर लगाती है – सड़क, स्कूल, अस्पताल, सुरक्षा सब इसी से चलता है। भारत में जिसकी सालाना आय बुनियादी छूट सीमा से ऊपर जाती है, उसे हर साल (जुलाई–सितंबर में) ITR (Income Tax Return) भरना होता है। सैलरी वालों से तो बैंक आराम से TDS के रूप में कटता रहता है – ITR में उसी का हिसाब-किताब होता है।

एक शब्द समझ लीजिए – वित्तीय वर्ष (FY) अप्रैल से मार्च तक का साल है, और उसके बाद वाला साल निरीक्षण वर्ष (AY) कहलाता है जिसमें उसका ITR भरते हैं। आज चल रहा FY 2026-27 है (अप्रैल 2026 – मार्च 2027), जिसका ITR 2027 में भरेगा।

2. नई बनाम पुरानी रजिम – सबसे बड़ा फैसला

2019 से दो रास्ते खुले हैं:

नई रजिम (default)पुरानी रजिम
दरेंकम (0–30%)ज़्यादा (0–30%, पर ऊंची सीमाओं पर)
छूटेंलगभग नहीं (सिर्फ standard deduction आदि)80C, 80D, HRA, home loan ब्याज…
किसके लिए बेहतरज़्यादातर लोगों के लिएजिनकी छूटें ढेर सारी हैं

मोटा नियम: अगर 80C + 80D + HRA + home loan ब्याज मिलाकर आपकी छूटें ₹4 लाख से ज़्यादा नहीं बनतीं, तो नई रजिम में रहना आमतौर पर सस्ता पड़ता है। अपने आंकड़ों से तुलना हमारे Income Tax कैलकुलेटर से करें।

3. FY 2026-27 की slabs (नई रजिम)

कर योग्य आयदर
₹0 – ₹4 लाखशून्य
₹4 – ₹8 लाख5%
₹8 – ₹12 लाख10%
₹12 – ₹16 लाख15%
₹16 – ₹20 लाख20%
₹20 – ₹24 लाख25%
₹24 लाख+30%

पुरानी रजिम की slabs ज़्यादा सीधी हैं – 2.5 लाख तक शून्य, 2.5–5 लाख 5%, 5–10 लाख 20%, 10 लाख+ 30% (senior citizens को शुरुआती सीमा ज़्यादा)। साथ में मिलती हैं वो छूटें जिनकी बात आगे है।

4. ₹12.75 लाख तक टैक्स-फ्री का राज़

नई रजिम की सबसे सुनहरी बात, तीन हिस्सों में:

  1. Standard deduction ₹75,000: नौकरीपेशा/पेंशन पाने वालों की कुल सैलरी से बिना किसी बिल-प्रमाण के ₹75,000 कट जाता है (FY 2026-27 में औपचारिक रूप से लागू; पुरानी रजिम में ₹50,000)
  2. 87A रिबेट: कर योग्य आय ₹12 लाख तक हो तो बना हुआ कर रिबेट से पूरा माफ
  3. दोनों जोड़ें = ₹12.75 लाख तक की सैलरी पर शून्य कर

और ₹12 लाख से थोड़ी ऊपर वाली आय पर marginal relief – अतिरिक्त आय जितना ही कर लगे, उससे ज़्यादा नहीं। यह असली बात ज़्यादातर लोग नहीं जानते और कर वाले हिसाब से बिल्कुल बगल वाले सहकर्मी से बेहतर सैलरी लेकर भी घर ले जाने वाली रकम कम पा लेते हैं।

5. Cess और Surcharge – छुपे हुए जोड़

6. पुरानी रजिम की मशहूर छूटें

छूटक्या मिलता हैसीमा
80CPPF, ELSS, LIC, home loan principal, EPF…₹1.5 लाख
80Dस्वयं/परिवार का health insurance₹25–75 हज़ार (उम्र पर)
HRAकिराए का बचाया हुआ हिस्साशहर/वेतन के हिसाब से
24(b)home loan का ब्याज (self-occupied)₹2 लाख
80TTA/TTBबचत खाते का ब्याज₹10 हज़ार / सीनियर ₹50 हज़ार

याद रखें – ये सब सिर्फ पुरानी रजिम में। नई रजिम चुनने वाले अधिकांश लोगों के लिए ये लुप्त हो जाती हैं, इसीलिए पहले दोनों का हिसाब लगाएं। (PPF का फायदा दोनों में अलग अर्थ है – नई रजिम में ब्याज फिर भी टैक्स-फ्री; देखें PPF कैलकुलेटर।)

टैक्स बचत के जायज़ तरीके (दोनों रजिम में समझें)

टैक्स बचत का मतलब छुपाना नहीं, सही निवेश चुनना है। कुछ रास्ते:

💡 टैक्स बचत के नाम पर बुरे निवेश मत खरीदिए – बीमा-निवेश मिलाजुला (endowment/ULIP) product अक्सर returns में कमज़ोर होते हैं। टैक्स बचाने के लिए निवेश ख़राब नहीं होना चाहिए।

सीनियर सिटिज़न की अलग बातें

7. ITR भरने का तरीका (सरल कदम)

  1. दस्तावेज़ जुटाएं: Form 16 (नौकरी वालों को बैंक/कंपनी देती है), ब्याज प्रमाणपत्र, निवेश के प्रमाण, Aadhaar, PAN
  2. Form 26AS और AIS देखें: incometax.gov.in पर लॉगिन करके – यह सरकार के पास आपकी आय की पूरी कॉपी है; आपके दिखाए आंकड़े इससे मेल खाने चाहिए
  3. सही फॉर्म चुनें: सैलरी वालों के लिए आमतौर पर ITR-1
  4. ऑनलाइन भरें (e-filing) – 5-15 मिनट का काम, मुफ़्त
  5. सत्यापित करें: Aadhaar OTP से तुरंत, या bank account से

अगर TDS ज़्यादा कट गया और कर कम बना, तो refund सीधे बैंक खाते में आता है (खाता PAN से linked और validated होना चाहिए)। जल्दी भरने वालों की refund भी जल्दी आती है।

8. 6 आम गलतियाँ

  1. बिना तुलना के नई रजिम चुन लेना – छूटें ज़्यादा हों तो पुरानी बचा सकती है
  2. दो नौकरियों की आय छुपाना – दोनों का TDS AIS में आ जाता है, बेमेल से नोटिस
  3. FD का ब्याज दिखाना भूल जाना – bank डालता है AIS में; ₹50,000/₹1 लाख की सीमा सिर्फ TDS की है, टैक्स की नहीं
  4. आख़िरी हफ़्ते की भागदौड़ – गलतियों और जुर्मानों की सबसे बड़ी वजह
  5. नोटिस आने पर घबरा जाना – ज़्यादातर नोटिस छोटी बेमेल के होते हैं; ऑनलाइन जवाब दे दें
  6. आय बढ़ने पर TDS न बढ़वाना – मार्च में देर से कटौती से बचें, बैंक/कंपनी को शुरू में ही बता दें

9. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्र. मेरी सैलरी ₹10 लाख है, क्या टैक्स लगेगा?
नई रजिम में नहीं! ₹75,000 कटकर ₹9.25 लाख taxable – ₹12 लाख से कम – 87A रिबेट से कर शून्य (बशर्ते सैलरी/पेंशन हो आय)।

प्र. ITR भरना किसे ज़रूरी है?
मोटे तौर पर – बुनियादी सीमा से ऊपर की आय वालों, TDS कटा हो, या refund चाहिए हो। नौकरी/बिज़नेस के मिश्रण में कंसल्टेंट या portal की मदद लें।

प्र. देर से भरा तो?
ब्याज लगता है (आय पर ₹5,000 तक late fee, ब्याज अलग)। बेहतर है समय पर, चाहे तारीख़ निकल जाने पर ही सही – न भरना सबसे बुरा विकल्प है।

प्र. पुरानी रजिम कब बचत करती है?
आमतौर पर जब 80C+80D+HRA+home loan ब्याज की कुल छूट ₹3.5–4 लाख पार कर जाए (मोटा अंदाज़ा – अपने आंकड़ों से जांचें)।

⚠️ यह लेख सामान्य जानकारी है – आपकी निजी स्थिति के लिए CA या tax expert से सलाह लें, और अंतिम नियम incometax.gov.in पर देखें।
⚠️ ध्यान दें: यह जानकारी शैक्षणिक उद्देश्य से है, वित्तीय सलाह नहीं। नियम/दरें बदल सकती हैं – फैसला लेने से पहले आधिकारिक स्रोत या सलाहकार से पुष्टि करें। अस्वीकरण।
📌 आधिकारिक स्रोत – ताज़ा नियम यहीं देखें

सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें:

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Pawan Verma · GyanTools

यह लेख Pawan Verma ने आधिकारिक स्रोतों से मिलान करके लिखा है। अपडेट/सुधार के लिए संपर्क करें।