✓ ब्याज दरें बैंक के अनुसार बदलती हैं – अपने बैंक की ताज़ा दर टूल में डालें · जांच: सितंबर 2026

🏦 FD कैलकुलेटर (Fixed Deposit)

जमा राशि, दर और अवधि डालें – मैच्योरिटी और ब्याज तुरंत निकलेंगे।

FD क्या है और कैसे काम करती है?

FD (Fixed Deposit – सावधि जमा) में बैंक/डाकघर में एक तय अवधि के लिए एक बार पैसा जमा करते हैं। अवधि में दर नहीं बदलती, ब्याज (आमतौर पर तिमाही) compound होता जाता है और अंत में पूरा पैसा ब्याज समेत मिलता है। भारत में सबसे पुराना और सबसे भरोसेमंद बचत का तरीका – कम रिटर्न, लेकिन लगभग शून्य जोखिम (₹5 लाख तक DICGC बीमा प्रति बैंक)।

फॉर्मूला

मैच्योरिटी राशि = P × (1 + r/n)^(n×t) जहां P = जमा राशि, r = सालाना दर, n = साल में compounding बार, t = साल। तिमाही compounding में ब्याज हर 3 महीने जुड़कर अगली बार ब्याज पर भी ब्याज लगता है – इसीलिए FD, नकद ब्याज से ज़्यादा देती है।

TDS के नियम (Budget 2025 से लागू)

कौनएक बैंक से ब्याजनतीजा
सामान्य नागरिक (60 से कम)₹50,000 से ऊपर10% TDS कटेगा (PAN हो तो)
सीनियर सिटिज़न (60+)₹1,00,000 से ऊपर10% TDS कटेगा

याद रखें – TDS कटना अलग बात है, टैक्स लगना अलग। FD का पूरा ब्याज आपकी income में जुड़ता है और आपकी slab के हिसाब से टैक्स लगता है। कुल आय कर योग्य सीमा से कम हो तो Form 15G (60 से कम) या Form 15H (60+) बैंक को देकर TDS रोकें।

FD की अच्छी बातें और सीमाएं

💡 तुलना देखें: RD (हर महीने जमा), PPF (टैक्स-फ्री 7.1%), SIP (market रिटर्न) – हमारे बाकी calculators।
⚠️ दरें बैंक-बैंक और समय के साथ बदलती हैं। यह tool अंदाज़ा देता है, सलाह नहीं।
🔒 आपका डेटा कहीं नहीं जाता – calculation आपके ब्राउज़र में ही होता है।

FD Maturity कैसे निकालें?

  1. जमा राशि भरें – जैसे ₹2,00,000।
  2. Bank की FD ब्याज दर डालें – अवधि के हिसाब से ~6.5–7.75% (senior +0.50%)।
  3. अवधि चुनें – 1, 2, 3 या 5 साल (तिमाही compounding automatic)।
  4. Calculate दबाएं – maturity + ब्याज + TDS कटौती के बाद net रकम।
  5. 5 साल Tax-saver FD चाहिए तो 80C छूट भी मिलती है (lock-in 5 साल)।

FD Laddering – smart तरीका (₹6L उदाहरण)

पूरी रकम एक FD में डालने की बजाय 3 हिस्सों में बांटें:

FDरकमअवधिफायदा
FD-1₹2L1 सालजल्दी ज़रूरत के लिए
FD-2₹2L3 सालबीच की दर
FD-3₹2L5 सालसबसे ऊंची दर
💡 Laddering से: हर साल एक FD mature (liquidity) + लंबी FD पर ऊंची दर (return) + premature penalty सिर्फ ज़रूरी हिस्से पर। Senior citizens को हर FD पर +0.50% extra मिलता है!

FD के 6 नियम

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

FD interest rate 2026 क्या है?

बड़े banks में 1–5 साल पर ~6.5–7.75%, senior citizens को +0.25–0.50% extra। Small finance banks ~8–9% तक देते हैं। दरें bank/अवधि के हिसाब से बदलती हैं।

क्या FD पूरी तरह safe है?

एक bank में ₹5 लाख तक DICGC insured – 100% safe। इससे ज़्यादा रकम अलग-अलग banks में बांटें।

FD बीच में तोड़ सकते हैं?

हां (tax-saver FD छोड़कर), पर 0.5–1% penalty कटती है। Laddering से penalty सिर्फ ज़रूरी हिस्से पर लगती है।

FD पर tax कैसे लगता है?

पूरा ब्याज slab rate से taxable। एक bank में सालाना ₹50,000+ ब्याज (senior ₹1L+) पर 10% TDS। Income कम हो तो 15G/H दें।

Tax-saver FD क्या है?

5 साल lock-in वाली FD – ₹1.5L तक 80C छूट (पुरानी regime)। बीच में तोड़ नहीं सकते, ब्याज taxable रहता है।

⚠️ ध्यान दें: यह calculator अनुमानित नतीजे देता है – असली आंकड़े बैंक/सरकारी नियमों पर निर्भर करते हैं। कोई भी आर्थिक फैसला लेने से पहले अपने बैंक या वित्तीय सलाहकार से पुष्टि करें। पूरा अस्वीकरण यहां पढ़ें।

FD vs Debt Funds 2026 + Senior Citizen Special

April 2023 के बाद debt funds का indexation गया – अब slab-tax (FD जैसा)। तो FD vs Debt Fund?

Bank FDDebt/Liquid Fund
Return (1–3Y)~7–7.5% fixed~6.5–7.5% (market)
TaxSlab + TDSSlab (TDS नहीं!)
LiquidityPenalty पर break1-day redemption ✓
Best forSeniors + guaranteeEmergency + STP source

Senior Citizen (60+) special: bank FD +0.50% + SCSS (8.2%) + PMVVY-type pension + 80TTB (₹50K interest deduction!) – combo से retirement income max। FD ladder + SWP combo: 50% FD ladder (safety) + 50% arbitrage/liquid + SWP (tax-efficient monthly income) – modern retiree formula! Emergency fund हमेशा liquid fund/FD (instant) में – equity/PPF में कभी नहीं।

Nominee + Joint Account + DICGC Claim Process

Nominee = must! हर FD में nominee (Form DA1) – claim weeks में, बिना nominee months/years (legal-heir proof!)। Joint (Either/Survivor): spouse के साथ – survivor को hassle-free पैसा। Minor nominee: guardian-appoint ज़रूरी। Nominee change = free + anytime – review yearly!

DICGC ₹5L claim (bank डूबे तो): 1) RBI moratorium → 2) DICGC auto-list (90 दिन interim तक ₹5L!) → 3) balance claim via administrator। ₹5L = principal + interest मिलाकर, per-bank, per-person (same-capacity accounts combined!)। Savings + FD same bank = एक साथ गिने जाएंगे! Smart split: ₹20L हो तो 4 banks (SBI + HDFC + Post-office + 1 small-finance @8%+) – insurance 4x + rate-best mix! Small-finance DICGC-covered (scheduled) ही चुनो – list RBI site पर।

📌 आधिकारिक स्रोत – ताज़ा नियम यहीं देखें

सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें:

ज्ञा
Pawan Verma · GyanTools

यह गाइड Pawan Verma ने आधिकारिक स्रोतों से मिलान करके हिंदी में लिखी है। गलती दिखे तो संपर्क पेज पर ज़रूर बताएं।