🛠️ PM Vishwakarma Yojana – ₹15,000 टूलकिट, ₹3 लाख लोन, पूरी गाइड
अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026 · पढ़ने का समय: ~10 मिनट
देश के लाखों कारीगर – जिनकी गिनती कभी अर्थव्यवस्था की आधिकारिक नजर में नहीं आती थी – अब इस योजना से पहली बार सरकारी पहचान, प्रशिक्षण और कर्ज का लाभ पा रहे हैं। – बढ़ई, लोहार, सुनार, राजमिस्त्री, दर्जी, नाई, कुम्हार, मूर्तिकार – अपने हुनर से देश की अर्थव्यवस्था चलाते हैं, लेकिन अक्सर उन्हें आधुनिक औज़ार, प्रशिक्षण और सस्ता कर्ज नहीं मिल पाता। इन्हीं कारीगरों को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार चला रही है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)। इस गाइड में हम 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार जानेंगे कि योजना में क्या-क्या मिलता है, पात्रता क्या है, और रजिस्ट्रेशन कैसे करें।
1. PM Vishwakarma Yojana क्या है?
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉन्च की थी। यह योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान, प्रशिक्षण, आधुनिक औज़ार और सस्ता कर्ज देने के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य कारीगरों की आय बढ़ाना, उनके काम की गुणवत्ता सुधारना और उन्हें बड़े बाजार से जोड़ना है। योजना का नाम भगवान विश्वकर्मा पर रखा गया है, जिन्हें शिल्प और निर्माण का देवता माना जाता है।
योजना में शामिल हर कारीगर को PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिलता है, यह पहचान आजीवन काम आती है – बैंक में खाता खोलने, कर्ज लेने और सरकारी योजनाओं से जुड़ने में यह प्रमाणपत्र एक मजबूत दस्तावेज़ साबित होता है। जिससे उसे देशभर में अपनी पहचान मिलती है।
2. योजना में कौन-कौन से 18 व्यवसाय शामिल हैं?
योजना के अंतर्गत 18 पारंपरिक व्यवसाय शामिल हैं:
यह सूची इसलिए तय की गई है क्योंकि ये वे काम हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते आए हैं और जिनमें आज भी बड़ी संख्या में लोग लगे हैं – फिर चाहे गांव हो या शहर। अपना व्यवसाय चुनते समय ध्यान रखें कि सूची में दिया गया नाम आपके असली काम से मेल खाता हो, क्योंकि चयन प्रक्रिया में व्यवसाय का सत्यापन होता है।| क्रम | व्यवसाय | क्रम | व्यवसाय |
|---|---|---|---|
| 1 | बढ़ई (Carpenter) | 10 | राजमिस्त्री (Mason) |
| 2 | नाव बनाने वाला (Boat Maker) | 11 | लोहार (Blacksmith) |
| 3 | हथियार बनाने वाला (Armourer) | 12 | हथौड़ा/औज़ार बनाने वाला (Hammer & Tool Kit Maker) |
| 4 | ताला बनाने वाला (Locksmith) | 13 | मूर्तिकार (Sculptor) |
| 5 | सुनार (Goldsmith) | 14 | मोची (Cobbler) |
| 6 | कुम्हार (Potter) | 15 | दर्जी (Tailor) |
| 7 | टोकरी/चटाई/नारियल रेशा बुनने वाला | 16 | नाई (Barber) |
| 8 | गुड़िया/खिलौना बनाने वाला (Doll & Toy Maker) | 17 | धोबी (Washerman) |
| 9 | मछली जाल बनाने वाला (Fishing Net Maker) | 18 | पारंपरिक चित्रकार (Traditional Painter) |
अगर आपका काम इन 18 में से किसी एक से मेल खाता है और आप खुद का काम करते हैं, तो आप आवेदन के पात्र हो सकते हैं।
3. योजना में क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
(क) ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर
चयनित कारीगर को अपने व्यवसाय के लिए ₹15,000 तक का आधुनिक टूलकिट ई-वाउचर मिलता है। इससे वह पुराने औज़ारों की जगह अच्छी क्वालिटी के नए औज़ार खरीद सकता है, जिससे उसके काम की गुणवत्ता और रफ्तार दोनों बढ़ती है।
(ख) प्रशिक्षण और स्टाइपेंड
कारीगर को व्यवसाय से जुड़ा मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है:
- बेसिक प्रशिक्षण: 5-7 दिन (कंप्यूटर/Digital भुगतान, स्वच्छता, बुनियादी बातें)
- एडवांस प्रशिक्षण: 15 दिन या उससे ज्यादा (आधुनिक तकनीक और टूल्स)
- प्रशिक्षण के दौरान ₹500 प्रतिदिन का स्टाइपेंड मिलता है
(ग) ₹3 लाख तक का सस्ता कर्ज (ब्याज सिर्फ 5%)
योजना का सबसे बड़ा लाभ है बिना गारंटी का कर्ज:
- पहली किस्त: ₹1,00,000 (5% सालाना ब्याज पर)
- दूसरी किस्त: ₹2,00,000 (पहली किस्त वापस चुकाने के बाद)
- कुल: ₹3,00,000 तक, कोई कोलैटरल/गारंटी नहीं, प्रोसेसिंग फीस शून्य
कर्ज की अवधि 5 साल की होती है और किस्तों की अदायगी मासिक या तिमाही हो सकती है – यह बैंक और कारीगर की सुविधा पर निर्भर करता है। कर्ज लेने के बाद अगर कारोबार अच्छा चला और आप जल्दी चुकाना चाहें, तो कुछ बैंक बिना जुर्माने के जल्दी चुकाने की सुविधा भी देते हैं। – पहले 18 महीने की मोरेटोरियम (छूट) अवधि के बाद बाकी 30 महीनों में किस्तें चुकानी होती हैं। पहली किस्त चुकाने के बाद ही दूसरी किस्त की पात्रता बनती है।
4. पात्रता (Eligibility) क्या है?
- उम्र: 18 वर्ष या उससे ज्यादा
- व्यवसाय: ऊपर बताए 18 पारंपरिक व्यवसायों में से किसी एक में स्वरोजगार (self-employed) होना
- परिवार: एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य योजना का लाभ ले सकता है
- नौकरी: सरकारी नौकरी या सरकारी पेंशन वाले पात्र नहीं हैं
- पुराना कर्ज: अगर पिछले 5 साल में PMEGP, Mudra या SVANidhi का लोन लिया था, तो उसे चुका चुके हों – बकाया कर्ज होने पर पात्रता नहीं बनती
- आयकर: आयकर दाता (income tax payer) आवेदन के पात्र नहीं हैं
5. रजिस्ट्रेशन कैसे करें? (2026)
PM Vishwakarma योजना में रजिस्ट्रेशन केवल CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) के जरिए होता है – यह योजना की सबसे जरूरी बात है। यानी:
- अपने नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं – CSC केंद्र हर गांव और कस्बे में मौजूद हैं, और वहां का ऑपरेटर योजना की पूरी प्रक्रिया समझाता है। (CSC ढूंढने के लिए digiseva.gov.in देख सकते हैं)।
- साथ ले जाएं: आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण (पासबुक), पासपोर्ट साइज़ फोटो और व्यवसाय से जुड़ा कोई प्रमाण (अगर हो)।
- CSC ऑपरेटर आपका pmvishwakarma.gov.in पोर्टल पर निःशुल्क रजिस्ट्रेशन करेगा।
- रजिस्ट्रेशन के बाद बायोमेट्रिक/आधार OTP से पहचान सत्यापन होता है।
- आवेदन की स्थिति पोर्टल पर “Track Application” से देख सकते हैं।
कुछ राज्यों में ऑनलाइन सेल्फ-रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी धीरे-धीरे जोड़ी गई है, लेकिन आधिकारिक तरीका CSC ही है। रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है।
6. चयन के बाद क्या होता है?
रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदनों की जांच (जिला/राज्य स्तर पर) होती है। चयनित कारीगर को:
- PM Vishwakarma प्रमाणपत्र और पहचान पत्र मिलता है
- टूलकिट वाउचर ₹15,000 का जारी होता है
- प्रशिक्षण की सूचना दी जाती है (स्टाइपेंड ₹500/दिन के साथ)
- प्रशिक्षण पूरा होने पर बैंक के जरिए पहली किस्त ₹1 लाख का लोन मिलता है
लोन किसी भी शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंक के जरिए दिया जाता है; कर्ज के लिए बैंक आधार, पैन, व्यवसाय का प्रमाण और कुछ सालों का बैंक विवरण मांग सकता है – ये दस्तावेज़ पहले से तैयार रखने से प्रक्रिया तेज हो जाती है। आप अपनी पसंद के बैंक में आवेदन कर सकते हैं।
7. PM Vishwakarma बनाम Mudra – क्या फर्क है?
| बात | PM Vishwakarma | Mudra (PMMY) |
|---|---|---|
| लक्षित वर्ग | 18 पारंपरिक व्यवसायों के कारीगर | कोई भी गैर-कृषि छोटा व्यवसाय |
| लोन सीमा | ₹3 लाख तक (दो किस्तों में) | ₹20 लाख तक (शिशु/किशोर/तरुण/तरुण+) |
| ब्याज | निश्चित 5% | बैंक के अनुसार ~9-16% |
| टूलकिट + प्रशिक्षण | हाँ (₹15,000 + स्टाइपेंड) | नहीं |
| रजिस्ट्रेशन | CSC से | सीधे बैंक/उद्यमी मित्र पोर्टल से |
Mudra लोन की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें: दोनों योजनाओं में से चुनाव करते समय याद रखें – अगर आपका काम 18 सूची में है तो PM Vishwakarma ज्यादा फायदेमंद है (5% ब्याज + टूलकिट + प्रशिक्षण), और अगर आपका व्यवसाय सूची से बाहर है तो Mudra सही विकल्प है। Mudra Loan गाइड।
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: क्या रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे लगते हैं?
नहीं, रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है। कोई भी CSC ऑपरेटर अगर पैसे मांगे तो शिकायत करें।
सवाल: क्या एक परिवार में दो लोग आवेदन कर सकते हैं?
नहीं, एक परिवार से सिर्फ एक ही सदस्य को लाभ मिल सकता है।
सवाल: दूसरी किस्त ₹2 लाख कब मिलती है?
पहली किस्त (₹1 लाख) का कर्ज चुकाने के बाद ही दूसरी किस्त के लिए आवेदन कर सकते हैं।
सवाल: मुझे पहले Mudra लोन लिया था, क्या पात्रता बनेगी?
अगर पिछले 5 साल का PMEGP/Mudra/SVANidhi कर्ज पूरा चुका दिया है, तो पात्रता बनती है; बकाया होने पर नहीं।
सवाल: आधिकारिक पोर्टल कौन-सा है?
आधिकारिक पोर्टल pmvishwakarma.gov.in है।
सवाल: क्या महिला कारीगर इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
हाँ, बिल्कुल। योजना में महिला और पुरुष दोनों कारीगर आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे 18 तय व्यवसायों में से किसी एक में काम करते हों।
सवाल: टूलकिट कब मिलता है?
चयन और बुनियादी प्रशिक्षण के बाद टूलकिट का ई-वाउचर जारी होता है, जिससे अधिकृत दुकान/विक्रेता से औज़ार खरीदे जा सकते हैं।
सवाल: क्या कर्ज के बदले कोई जमानत या गारंटी चाहिए?
नहीं – योजना का कर्ज पूरी तरह बिना गारंटी (collateral-free) है और प्रोसेसिंग फीस भी शून्य है।
9. योजना का कारीगर के जीवन पर क्या असर पड़ता है?
PM Vishwakarma सिर्फ कर्ज देने वाली योजना नहीं – यह कारीगर को पूरी तरह सशक्त बनाने का पैकेज है। इसके फायदे कारीगर के जीवन में इस तरह काम आते हैं:
- पहचान मिलती है: प्रमाणपत्र और पहचान पत्र से कारीगर का काम "अनौपचारिक" से "औपचारिक" हो जाता है – ग्राहक, सप्लायर और बैंक उसे गंभीरता से लेते हैं।
- काम की गुणवत्ता बढ़ती है: ₹15,000 का आधुनिक टूलकिट लेने से काम तेज और बेहतर होता है – ज्यादा ग्राहक, ज्यादा कमाई।
- नई तकनीक की समझ: प्रशिक्षण में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन ऑर्डर और सोशल मीडिया से काम लेने की बातें सिखाई जाती हैं – कारीगर अब सिर्फ मोहल्ले तक सीमित नहीं रहता।
- कर्ज से कारोबार बढ़ता है: सिर्फ 5% ब्याज पर ₹1 लाख का कर्ज कच्चा माल खरीदने, छोटी मशीन लेने या दुकान सुधारने में मदद करता है – कमाई बढ़ती है तो EMI चुकाना आसान होता है।
- परिवार की आय बढ़ती है: ज्यादा कमाई से बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और भविष्य की बचत – सब सुधरते हैं।
10. आम गलतफहमियां और सच्चाई
| गलतफहमी | सच्चाई |
|---|---|
| रजिस्ट्रेशन के लिए पैसे लगते हैं | रजिस्ट्रेशन पूरी तरह मुफ्त है – CSC पर कोई फीस नहीं |
| सरकारी नौकरी वाला भी आवेदन कर सकता है | सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी पात्र नहीं हैं |
| टूलकिट नकद में मिलता है | ₹15,000 का ई-वाउचर मिलता है, जिससे अधिकृत विक्रेता से टूल्स लिए जा सकते हैं |
| पूरे ₹3 लाख एक साथ मिल जाते हैं | पहले ₹1 लाख, चुकाने के बाद ₹2 लाख – दो किस्तों में |
| कोई भी काम करने वाला आवेदन कर सकता है | सिर्फ 18 तय व्यवसायों में से किसी एक का कारीगर होना जरूरी है |
11. सफल आवेदन के लिए 5 टिप्स
- रजिस्ट्रेशन से पहले अपने व्यवसाय के प्रमाण तैयार रखें – दुकान का लाइसेंस, पुराने ऑर्डर, बिल आदि।
- आधार में मोबाइल नंबर अपडेट रखें – OTP और सूचनाएं उसी पर आएंगी।
- बैंक खाता आधार से लिंक हो – स्टाइपेंड और कर्ज उसी खाते में आएंगे।
- किसी एजेंट/बिचौलिए के झांसे में न आएं – पूरी प्रक्रिया मुफ्त है।
- आवेदन के बाद पोर्टल पर स्टेटस ट्रैक करते रहें और समय-समय पर CSC से संपर्क रखें।
12. सारांश: योजना का फायदा कैसे उठाएं?
- अपना व्यवसाय तय करें – 18 में से किसी एक में होना जरूरी है।
- नजदीकी CSC पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन कराएं (आधार, बैंक खाता, फोटो साथ ले जाएं)।
- चयन के बाद टूलकिट वाउचर और प्रशिक्षण स्टाइपेंड का लाभ लें।
- ₹1 लाख का पहला कर्ज लेकर काम बढ़ाएं, फिर ₹2 लाख का दूसरा कर्ज लें – कुल ₹3 लाख सिर्फ 5% ब्याज पर।
- कर्ज की हर किस्त समय पर चुकाएं ताकि आगे और लाभ मिलते रहें।
आपके कर्ज की क्षमता जानने के लिए Loan Eligibility कैलकुलेटर आजमाएं। अन्य सरकारी योजनाओं के लिए PM-Kisan गाइड और Mudra गाइड पढ़ें।
सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें: