बैंक कितना लोन देगा – पीछे का गणित
बैंक सबसे पहले देखता है कि आपकी सारी EMI मिलाकर आय का 40–60% से ज़्यादा न हो (इस नियम को FOIR कहते हैं)। फिर बची हुई EMI क्षमता से उल्टा हिसाब लगाकर बताता है कि कितनी राशि का लोन उतनी EMI बना सकता है।
उदाहरण: ₹80,000 मासिक आय, पुरानी EMI ₹5,000, दर 8.5%, 20 साल, FOIR 50% → उपलब्ध EMI ₹35,000 → अनुमानित लोन ~₹40 लाख।
पात्रता बढ़ाने के 5 तरीके
- सह-आवेदक जोड़ें – पति/पत्नी की आय जुड़ते ही क्षमता बढ़ जाती है
- पुराने कर्ज़ बंद करें – छोटी-छोटी EMI जोड़कर क्षमता घटाती हैं
- CIBIL स्कोर सुधारें – 750+ पर बैंक उदार बनता है (CIBIL गाइड देखें)
- अवधि बढ़ाएं – 15 की जगह 25 साल पर वही EMI ज़्यादा लोन देती है (पर कुल ब्याज बढ़ता है)
- आय का प्रमाण मज़बूत रखें – ITR, salary slips, बैंक statement साफ़ रखें
Loan Eligibility कैसे जानें?
- अपनी मासिक net आय (in-hand) भरें – bank इसी पर loan देता है।
- मौजूदा EMIs डालें – car/personal/credit-card सब जोड़कर।
- FOIR rule automatic लगेगा – सारी EMI आय के 40–50% से ऊपर नहीं।
- अवधि चुनें – लंबी अवधि = ज़्यादा loan amount (पर ज़्यादा ब्याज)।
- नतीजे में max loan + max EMI देखें – CIBIL 750+ पर best दर मिलेगी।
FOIR नियम – ₹60,000 salary पर कितना loan?
| रकम | |
|---|---|
| मासिक आय | ₹60,000 |
| Max EMI (50% FOIR) | ₹30,000 |
| मौजूदा EMI | − ₹10,000 |
| नए loan की गुंजाइश | ₹20,000/माह |
Eligibility बढ़ाने के 5 तरीके
- CIBIL 750+ – सबसे बड़ा factor; report में गलती हो तो dispute करें।
- छोटे loans बंद करें – personal loan closure से FOIR तुरंत सुधरता है।
- Co-applicant – working spouse/mाता-पिता जोड़ने से income दोगुनी।
- लंबी अवधि चुनें – EMI घटेगी, eligibility बढ़ेगी (ब्याज ज़्यादा)।
- 6 महीने salary credit – bank statement clean रखें, cash salary पर loan मुश्किल।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
FOIR क्या होता है?
Fixed Obligation to Income Ratio – आपकी सारी EMIs (नए loan समेत) मासिक आय के 40–50% से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। Bank इसी से max loan तय करता है।
CIBIL score कितना चाहिए loan के लिए?
750+ best (सस्ती दर), 650–750 ठीक (ऊंची दर), 650 से कम पर rejection संभव। Home loan में कभी-कभी 650 पर भी मिलता है।
बिना salary-slip loan मिल सकता है?
मुश्किल – bank को income proof (slip/ITR/bank statement) चाहिए। Self-employed ITR (2–3 साल) से loan ले सकते हैं।
Co-applicant से क्या फायदा?
दोनों की income जुड़ती है → eligibility ~दोगुनी + home loan पर दोनों को tax छूट (co-owner होने पर)।
Eligibility और affordability में अंतर?
Eligibility = bank कितना देगा; affordability = आप कितना चुका सकते हो। हमेशा affordability (40% rule) से कम loan लें।
सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें: