होम लोन पर टैक्स छूट क्या-क्या मिलती है?
होम लोन लेने वालों के लिए आयकर में तीन तरह की छूटें हैं – ब्याज पर, मूलधन पर, और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए अतिरिक्त। यह कैलकुलेटर तीनों का हिसाब एक साथ करता है।
- धारा 24(b) – ब्याज पर: खुद रहने वाले घर (self-occupied) के लोन के ब्याज पर सालाना ₹2 लाख तक की छूट (पुरानी व्यवस्था में)।
- धारा 80C – मूलधन पर: लोन की मूलधन चुकौती (principal) पर ₹1.5 लाख तक की छूट, जो 80C की कुल सीमा में शामिल है (पुरानी व्यवस्था में)।
- धारा 80EE: पहली बार घर खरीदने वालों को अतिरिक्त ₹50,000 (लोन 1 अप्रैल 2016 – 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत)।
- धारा 80EEA: किफायती घरों के लिए अतिरिक्त ₹1.5 लाख (लोन 1 अप्रैल 2019 – 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत, घर की कीमत ₹45 लाख तक)।
नई व्यवस्था (New Regime) में क्या मिलता है?
नई टैक्स व्यवस्था में खुद रहने वाले घर के लोन पर कोई छूट नहीं मिलती – न ब्याज पर (24b), न मूलधन पर (80C)। अगर घर किराए पर दिया है (let-out) तो ब्याज को किराए की आय में घटाया जा सकता है, लेकिन कुल घाटा ₹2 लाख से ज्यादा नहीं समायोजित हो सकता। यही वजह है कि होम लोन वालों के लिए अक्सर पुरानी व्यवस्था ही फायदेमंद होती है – Old vs New Regime कैलकुलेटर से दोनों की तुलना करें।
गणना कैसे होती है?
कुल छूट = 24(b) छूट + 80C छूट + 80EEA/80EE छूट। टैक्स बचत = कुल छूट × आपका टैक्स स्लैब। उदाहरण: सालाना ब्याज ₹2.4 लाख पर 24(b) से ₹2 लाख, मूलधन ₹1 लाख पर 80C से ₹1 लाख, और 80EEA ₹1.5 लाख – कुल ₹4.5 लाख छूट। 30% स्लैब पर टैक्स बचत करीब ₹1.35 लाख सालाना। नई व्यवस्था में यह सब शून्य हो जाता है।
ध्यान रखने वाली बातें
- 24(b) की ₹2 लाख की सीमा दो self-occupied घरों को मिलाकर भी कुल ₹2 लाख ही है।
- मकान का निर्माण/खरीद लोन लेने के 5 साल के अंदर पूरा होना चाहिए।
- निर्माण से पहले का ब्याज (pre-construction interest) भवन मिलने के बाद 5 बराबर किस्तों में दावा किया जा सकता है (₹2 लाख की सीमा में)।
- सह-मालिक और सह-उधारकर्ता दोनों अपने-अपने हिस्से की छूट ले सकते हैं।
- किराए पर दिए घर (let-out) में ब्याज पर कोई ऊपरी सीमा नहीं, लेकिन नुकसान समायोजन ₹2 लाख तक।
संबंधित टूल्स
लोन की किस्त: EMI कैलकुलेटर | पूरा टैक्स हिसाब: Income Tax कैलकुलेटर | व्यवस्था तुलना: Old vs New | घर खरीद गाइड: Home Loan गाइड।
Home Loan Tax छूट कैसे निकालें?
- सालाना ब्याज हिस्सा भरें – EMI table/statement से (24b के लिए)।
- सालाना principal हिस्सा भरें – 80C के लिए (₹1.5L सीमा में)।
- पहला घर + सस्ता घर हो तो 80EEA (extra ₹1.5L) भी check करें।
- Slab चुनें – 30% slab में ₹2L ब्याज = ₹62,400 बचत!
- नतीजे में कुल छूट + tax बचत देखें – सिर्फ पुरानी regime में।
Home Loan की तीनों छूटें (पुरानी regime)
| Section | किस पर | Max छूट | 30% slab बचत |
|---|---|---|---|
| 24(b) | ब्याज (self-occupied) | ₹2,00,000 | ₹62,400 |
| 80C | Principal + stamp duty | ₹1,50,000* | ₹46,800 |
| 80EEA | ब्याज extra (पहला सस्ता घर) | ₹1,50,000 | ₹46,800 |
*80C में PPF/ELSS/LIC सब मिलाकर ₹1.5L। कुल बचत ₹1.5L+/साल तक – home loan सिर्फ घर नहीं, tax-saver भी!
Home Loan Tax के 5 नियम
- नई regime में ZERO – 24(b)/80C home loan छूटें सिर्फ पुरानी में।
- Under-construction – possession से पहले का ब्याज 5 किस्तों में (possession के बाद)।
- 80EEA शर्तें – पहला घर, stamp value ≤₹45L, loan sanction तय तारीख के अंदर।
- Certificate लें – bank से सालाना interest/principal certificate ITR proof है।
- Rent + own home – खुद किराए पर + दूसरा घर? दोनों के नियम अलग – CA से पूछें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Home loan पर कुल कितनी tax छूट?
पुरानी regime में: ब्याज ₹2L (24b) + principal ₹1.5L (80C) + पहला सस्ता घर हो तो extra ₹1.5L (80EEA) = ₹5L तक deduction।
नई regime में home loan छूट मिलती है?
Self-occupied घर पर नहीं। इसीलिए बड़ा home loan वालों को अक्सर पुरानी regime सस्ती पड़ती है – regime calculator से compare करें।
Joint home loan पर double छूट?
हां – co-owner + co-borrower पति-पत्नी दोनों 24(b) और 80C अलग-अलग claim कर सकते हैं। EMI भी दोनों के account से जानी चाहिए।
Under-construction घर के ब्याज पर छूट?
Possession के बाद – पहले का पूरा ब्याज 5 साल की किस्तों में 24(b) में claim होता है (₹2L सालाना सीमा के अंदर)।
80EEA क्या है?
पहले सस्ते घर (stamp ≤₹45L) पर ब्याज की extra ₹1.5L छूट – 24(b) के ऊपर। Loan sanction date की शर्तें लागू होती हैं।
Rented-Out Property + Joint Loan Example
किराए पर दिया घर? पूरा interest deductible (₹2L सीमा नहीं!) – पर किराया income में जुड़ेगा + 30% standard deduction मिलेगा। 2nd घर खाली रखा तो 'deemed rent' concept (old rules) – CA से confirm करो। Joint loan example: पति-पत्नी co-owners, ₹4L सालाना ब्याज + ₹2L principal → दोनों ₹2L-₹2L ब्याज (24b) + ₹1L-₹1L principal (80C) = ₹7L कुल deduction, ~₹2.18L tax बचत (30% slab)! EMI दोनों के accounts से जानी चाहिए – proof के लिए।
Stamp Duty + Registration भी 80C में!
घर खरीदते समय दी stamp duty + registration fee (₹5–10L तक!) भी 80C deduction में claim होती है – उसी साल जिस साल payment हुई (₹1.5L overall सीमा के अंदर)। भूल गए? उसी FY का ITR revise करके claim करो (deadline तक)! Home loan processing fee: interest में नहीं जुड़ती – कोई deduction नहीं। Pre-construction interest: possession के बाद 5 equal किस्तों में + current-year interest – कुल ₹2L/साल cap याद रखो। Joint owners दोनों stamp-duty share अलग-अलग claim कर सकते हैं (payment-proof के साथ)।
सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें: