💰 इनकम टैक्स स्लैब FY 2026-27 (AY 2027-28) – नई और पुरानी रेजिम की पूरी दरें

27 अगस्त 2026 · GyanTools · पढ़ने का समय: ~15 मिनट

1. बजट 2026 में क्या बदला – एक नज़र में

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को बजट 2026 पेश किया और नौकरीपेशाओं के लिए सबसे बड़ी खबर यह रही कि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। यानी फरवरी 2025 के बजट में लाई गई राहतचंद्र स्लैब संरचना ही वित्त वर्ष 2026-27 (निर्धारण वर्ष 2027-28) में भी लागू रहेगी। इसका सीधा मतलब – नई रेजिम में ₹12 लाख टैक्सयोग्य आय तक टैक्स जीरो, और नौकरीपेशाओं के लिए ₹75,000 स्टैंडर्ड कटौती भी पहले जैसी ही।

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2. नई टैक्स रेजिम की स्लैब (FY 2026-27)

नई रेजिम अब भी डिफ़ॉल्ट रेजिम है – यानी अलग से चुनना नहीं पड़ता। इसमें उम्र का कोई फर्क नहीं (60 साल से ऊपर वालों के लिए भी यही स्लैब):

टैक्सयोग्य आय (₹)टैक्स दर
0 – 4,00,000 तकशून्य (0%)
4,00,001 – 8,00,0005%
8,00,001 – 12,00,00010%
12,00,001 – 16,00,00015%
16,00,001 – 20,00,00020%
20,00,001 – 24,00,00025%
24,00,001 से ऊपर30%

इसके ऊपर 4% हेल्थ और एजुकेशन सेस लगता है। नई रेजिम में ज़्यादातर कटौतियां (80C/123, 80D/124, HRA) नहीं मिलतीं – सिर्फ स्टैंडर्ड कटौती ₹75,000, नियोक्ता का NPS योगदान (अब सेक्शन 125) और कुछ चुनिंदा छूटें मिलती हैं।

3. ₹12.75 लाख तक जीरो टैक्स का जादू

नई रेजिम की सबसे बड़ी राहत सेक्शन 87A रिबेट है: अगर टैक्सयोग्य आय ₹12 लाख या उससे कम है, तो बनने वाला पूरा टैक्स (अधिकतम ₹60,000 तक) माफ हो जाता है। नौकरीपेशाओं को ₹75,000 स्टैंडर्ड कटौती अलग से मिलती है, इसलिए:

✅ ग्रॉस सैलरी ₹12.75 लाख तक = टैक्स बिल्कुल जीरो (₹12 लाख – ₹75,000 = टैक्सयोग्य आय, और उस पर बना ₹60,000 टैक्स 87A में पूरा माफ)।

उदाहरण – ग्रॉस सैलरी ₹10 लाख: स्टैंडर्ड कटौती के बाद टैक्सयोग्य आय ₹9.25 लाख। स्लैब से टैक्स बनता है ₹32,500 (4–8 लाख पर 5% = ₹20,000 + 8–9.25 लाख पर 10% = ₹12,500)। लेकिन आय ₹12 लाख से कम है, इसलिए 87A रिबेट से पूरा माफ – टैक्स ₹0।

उदाहरण – ग्रॉस सैलरी ₹15 लाख: टैक्सयोग्य आय ₹14.25 लाख। टैक्स: ₹20,000 + ₹40,000 + (12–14.25 लाख पर 15% = ₹33,750) = ₹93,750। 4% सेस ₹3,750 जोड़ने पर कुल ₹97,500 – यही असली देना होगा।

4. मार्जिनल रिलीफ – थोड़ा ऊपर जाने वालों की राहत

अगर आय ₹12 लाख से थोड़ी सी भी ऊपर जाती है तो 87A रिबेट छूट जाता है और पूरे ₹60,000+ टैक्स एक साथ लगता है। ऐसे में मार्जिनल रिलीफ काम आता है – नियम है: ₹12 लाख के ऊपर की जितनी आय है, उससे ज़्यादा का टैक्स नहीं देना पड़ेगा।

उदाहरण – ग्रॉस सैलरी ₹13 लाख: टैक्सयोग्य आय ₹12.25 लाख। स्लैब से टैक्स ₹63,750 बनता है, लेकिन ₹12 लाख के ऊपर की आय सिर्फ ₹25,000 है। मार्जिनल रिलीफ से टैक्स सिर्फ ₹25,000 (+4% सेस = ₹1,000) यानी कुल ₹26,000 ही देना होगा। यानी ₹12.75 लाख से ₹13 लाख की सैलरी पर असली बोझ बहुत हल्का रहता है।

5. पुरानी टैक्स रेजिम की स्लैब

पुरानी रेजिम चुनने पर 80C (नया सेक्शन 123), 80D (124), HRA जैसी कटौतियां मिलती हैं, पर दरें ऊंची हैं। उम्र के हिसाब से तीन श्रेणियां:

60 साल से कम (सामान्य नागरिक)

टैक्सयोग्य आय (₹)टैक्स दर
0 – 2,50,000शून्य
2,50,001 – 5,00,0005%
5,00,001 – 10,00,00020%
10,00,001 से ऊपर30%

सीनियर सिटिजन (60–80 साल)

पहली स्लैब ₹3 लाख तक शून्य, उसके बाद वही दरें (3–5 लाख पर 5%, 5–10 लाख पर 20%, ऊपर 30%)।

सुपर सीनियर सिटिजन (80 साल+)

₹5 लाख तक शून्य, 5–10 लाख पर 20%, ₹10 लाख से ऊपर 30%।

पुरानी रेजिम में स्टैंडर्ड कटौती ₹50,000 है और 87A रिबेट सिर्फ ₹12,500 तक (यानी ₹5 लाख टैक्सयोग्य आय तक टैक्स जीरो)।

6. नई बनाम पुरानी रेजिम – उदाहरण के साथ

मान लीजिए नौकरीपेशा, सिर्फ स्टैंडर्ड कटौती, कोई और deduction नहीं (ग्रॉस सैलरी पर):

ग्रॉस सैलरीनई रेजिम टैक्स (+सेस)पुरानी रेजिम टैक्स (+सेस)
₹8 लाख₹0₹65,000
₹10 लाख₹0₹1,06,600
₹12.75 लाख₹0₹1,87,200
₹13 लाख₹26,000 (मार्जिनल रिलीफ)₹1,95,000
₹15 लाख₹97,500₹2,57,400
₹20 लाख₹1,92,400₹4,13,400

ज़्यादातर मामलों में नई रेजिम फायदेमंद रहती है, लेकिन अगर आपकी 80C + 80D + HRA + home loan ब्याज की कटौतियां मिलाकर ₹4 लाख से ऊपर हैं, तो पुरानी रेजिम compare करके देखें। पूरी तुलना हमारी इनकम टैक्स गाइड और बजट गाइड में।

7. सरचार्ज और सेस (4%)

ऊंची आय पर स्लैब टैक्स के ऊपर सरचार्ज लगता है:

कुल आयनई रेजिमपुरानी रेजिम
₹50 लाख तककोई नहींकोई नहीं
₹50 लाख – ₹1 करोड़10%10%
₹1 – 2 करोड़15%15%
₹2 – 5 करोड़25%25%
₹5 करोड़ से ऊपर25% (बढ़ोतरी रोकी गई)37%

सरचार्ज के बाद 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस कुल टैक्स पर लगता है। ध्यान दें – नई रेजिम में सरचार्ज अधिकतम 25% पर सीमित है, जबकि पुरानी रेजिम में ₹5 करोड़ से ऊपर 37% तक जाता है।

8. Income Tax Act 2025 – नए सेक्शन नंबर

1 अप्रैल 2026 से नया आयकर कानून (Income Tax Act, 2025) लागू हो गया है। इसमें कोई नई टैक्स दामदारी नहीं आई – बस पुराने सेक्शनों के नंबर बदल गए हैं:

पुराना नामनया नामकाम
सेक्शन 80Cसेक्शन 123PPF, ELSS, LIC, EPF आदि में ₹1.5 लाख तक कटौती
सेक्शन 80Dसेक्शन 124हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम कटौती
सेक्शन 80CCD(2)सेक्शन 125नियोक्ता का NPS योगदान
सेक्शन 80CCD(1B)सेक्शन 128NPS में अतिरिक्त ₹50,000 कटौती

फायदे की रकमें वही हैं – सिर्फ नंबर बदले हैं। NPS से जुड़ी पूरी जानकारी NPS पेंशन गाइड में पढ़ें।

9. बजट 2026 की अन्य बड़ी बातें

💡 टैक्स बचाने वाले निवेश जुटाने के लिए देखें: PPF, EPF, Step-up SIP कैलकुलेटर और होम लोन गाइड।

10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q. FY 2026-27 में स्लैब दरें बदलीं क्या?

नहीं। बजट 2026 (1 फरवरी 2026) में किसी भी रेजिम की स्लैब या दरें नहीं बदली गईं – बजट 2025 वाली संरचना ही चलेगी।

Q. ₹12 लाख सैलरी पर टैक्स कितना?

ग्रॉस ₹12 लाख पर टैक्सयोग्य आय ₹11.25 लाख बनती है – 87A रिबेट से टैक्स जीरो। (₹12.75 लाख ग्रॉस तक जीरो टैक्स चलता है।)

Q. नई रेजिम में 80C का फायदा मिलता है?

नहीं, नई रेजिम में 80C (सेक्शन 123), 80D (124) और HRA जैसी कटौतियां नहीं मिलतीं। ये सिर्फ पुरानी रेजिम में हैं।

Q. रेजिम बदलने का मौका कब मिलता है?

नौकरीपेशाओं (बिज़नेस आय न हो) को हर साल ITR भरते समय रेजिम बदलने का पूरा अधिकार है। नई रेजिम डिफ़ॉल्ट है; पुरानी चाहिए तो ITR में साफ चुनना पड़ता है।

Q. AY 2027-28 का मतलब क्या है?

वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल 2026–मार्च 2027) में कमाई गई आय का टैक्स निर्धारण वर्ष 2027-28 में भरा जाएगा – इसीलिए इन दरों को FY 2026-27 / AY 2027-28 कहते हैं।

Q. स्टैंडर्ड कटौती पेंशनर्स को भी मिलती है?

हां – सैलरी और पेंशन दोनों पर नई रेजिम में ₹75,000 और पुरानी में ₹50,000 स्टैंडर्ड कटौती मिलती है।

⚠️ यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है (बजट 2026 की घोषणाओं और मौजूदा कानूनों पर आधारित)। आपकी अपनी स्थिति (आय स्रोत, कटौतियां, निवेश) के हिसाब से सही गणना के लिए CA/टैक्स विशेषज्ञ से सलाह लें।
⚠️ ध्यान दें: यह जानकारी शैक्षणिक उद्देश्य से है, वित्तीय सलाह नहीं। नियम/दरें बदल सकती हैं – फैसला लेने से पहले आधिकारिक स्रोत या सलाहकार से पुष्टि करें। अस्वीकरण।
📌 आधिकारिक स्रोत – ताज़ा नियम यहीं देखें

सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें:

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Pawan Verma · GyanTools

यह लेख Pawan Verma ने आधिकारिक स्रोतों से मिलान करके लिखा है। अपडेट/सुधार के लिए संपर्क करें।