NPS क्या है?
National Pension System (NPS) भारत सरकार की पेंशन योजना है, जिसे PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) चलाती है। इसमें आप काम के दौरान नियमित योगदान करते हैं, पैसा इक्विटी (shares), सरकारी बॉन्ड और कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश होता है, और 60 साल की उम्र में आपको एक बड़ा कॉर्पस + मासिक पेंशन मिलती है। NPS में 18 से 85 साल तक कोई भी भारतीय नागरिक खाता खोल सकता है – eNPS पोर्टल या बैंक/POP के जरिए।
NPS कैसे काम करता है?
आपका योगदान दो खातों में जाता है:
- Tier 1: मुख्य पेंशन खाता – इसमें टैक्स छूट मिलती है, लेकिन 60 साल से पहले पैसा निकालना मुश्किल है।
- Tier 2: वैकल्पिक बचत खाता – कभी भी निकाल सकते हैं, लेकिन इसमें टैक्स छूट नहीं।
पैसा आपकी पसंद के फंड (इक्विटी ज्यादा = ज्यादा रिटर्न, लेकिन ज्यादा उतार-चढ़ाव) में निवेश होता है। सरकारी कर्मचारियों के लिए 60% तक इक्विटी की सीमा है; Auto Choice में उम्र के हिसाब से निवेश अपने आप संतुलित होता जाता है।
गणना कैसे होती है? (फॉर्मूला)
मासिक निवेश पर सालाना कंपाउंडिंग वाला फॉर्मूला:
कॉर्पस = P × [((1 + r/12)^(12×n) − 1) / (r/12)] × (1 + r/12)
जहां P = मासिक योगदान, r = सालाना रिटर्न (%), n = निकासी की उम्र (डिफ़ॉल्ट 60) − आपकी उम्र (साल)। आपके और नियोक्ता के योगदान की अलग-अलग गणना कर जोड़ी जाती है, साथ ही मौजूदा कॉर्पस पर भी रिटर्न जुड़ता है।
60 साल पर (नए नियम, दिसंबर 2025): कॉर्पस ₹8 लाख तक हो तो 100% एकमुश्त; ₹8–12 लाख पर ₹6 लाख तक एकमुश्त और बाकी किश्तों/annuity में; ₹12 लाख से ऊपर non-govt सब्सक्राइबर 80% तक एकमुश्त ले सकते हैं (कम से कम 20% annuity), जबकि सरकारी कर्मचारियों के लिए 60:40 ही है। टैक्स: कॉर्पस का 60% तक टैक्स-फ्री, उससे ऊपर का एकमुश्त हिस्सा और annuity की पेंशन slab के हिसाब से taxable। हमारा कैलकुलेटर ये सारे नियम अपने आप लगाता है; annuity दर (डिफ़ॉल्ट 6%) आप बदल सकते हैं।
उदाहरण
30 साल के व्यक्ति ने ₹5,000/माह अपना + ₹5,000/माह नियोक्ता का योगदान मानकर 10% रिटर्न पर गणना की तो 30 साल में कॉर्पस करीब ₹2.27 करोड़ बन सकता है। नए नियमों में प्राइवेट कर्मचारी इसमें से 80% यानी करीब ₹1.82 करोड़ एकमुश्त ले सकता है (जिसमें ~₹1.36 करोड़ यानी 60% टैक्स-फ्री) और बाकी ~₹45 लाख की annuity से करीब ₹23,000/माह पेंशन; या सिर्फ 60% एकमुश्त लेकर ~₹91 लाख की annuity से करीब ₹45,000/माह। याद रखें: यह अनुमान है – बाजार के रिटर्न घट-बढ़ सकते हैं।
NPS में टैक्स बचत (2026)
- अपना योगदान: धारा 80CCD(1) – सैलरी का 10% तक (₹1.5 लाख की 80C सीमा के अंदर)।
- अतिरिक्त छूट: धारा 80CCD(1B) – ₹50,000 तक 80C से अलग (सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था में; नई में नहीं)।
- नियोक्ता योगदान: 80CCD(2) – नई व्यवस्था में सभी के लिए सैलरी का 14% तक; पुरानी व्यवस्था में केंद्र सरकार 14%, बाकी 10%।
- निकासी पर कॉर्पस का 60% तक टैक्स-फ्री (पुराने Act की धारा 10(12A)); इससे ज़्यादा एकमुश्त लिया तो वह हिस्सा taxable।
- आंशिक निकासी: अपने योगदान का 25% तक – 60 से पहले अधिकतम 4 बार (दो निकासी के बीच 4 साल का अंतर); इस पर टैक्स नहीं।
NPS बनाम APY
गारंटीड पेंशन चाहिए और उम्र 18–40 है तो Atal Pension Yojana (APY) देखें – वहां पेंशन ₹1,000–5,000/माह तय होती है। NPS में कॉर्पस बाजार पर निर्भर है लेकिन बड़ा बन सकता है। दोनों को मिलाकर भी चलाया जा सकता है।
संबंधित टूल्स
रिटायरमेंट की पूरी योजना के लिए Retirement कैलकुलेटर, तुलना के लिए Investment Comparison, और सैलरी के हिसाब से बचत की क्षमता जानने के लिए In-hand Salary कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।
NPS निकासी के नियम (Exit Rules)
- 60 साल पर (normal exit): ₹8 लाख तक कॉर्पस – 100% एकमुश्त; ₹8–12 लाख – ₹6 लाख तक एकमुश्त + बाकी किश्तों/annuity में; ₹12 लाख+ – non-govt 80% तक एकमुश्त (min 20% annuity), सरकारी 60:40। Non-govt सब्सक्राइबर 15 साल पूरे होने पर भी normal exit ले सकते हैं।
- 60 से पहले बाहर निकलना (premature exit): कॉर्पस ₹5 लाख तक हो तो 100% निकासी; उससे ज़्यादा पर सिर्फ 20% एकमुश्त और कम से कम 80% से annuity।
- आंशिक निकासी: अपने योगदान का 25% तक – बच्चों की पढ़ाई/शादी, घर (सिर्फ एक बार), इलाज के लिए; 60 से पहले अधिकतम 4 बार, दो निकासी के बीच कम से कम 4 साल।
- 60 के बाद भी NPS अपने आप जारी रहता है – 85 साल तक निवेश/निकासी टाल सकते हैं।
NPS Corpus कैसे निकालें?
- मासिक NPS contribution भरें – जैसे ₹5,000।
- Expected return डालें – 9–10% आम अनुमान (market-linked)।
- निकासी की उम्र (डिफ़ॉल्ट 60) और श्रेणी (प्राइवेट/सरकारी) चुनें।
- नतीजे में corpus + नियम के हिसाब से lump-sum (टैक्स-फ्री/taxable हिस्सा अलग) + annuity पेंशन देखें।
- ₹50,000 extra tax छूट (80CCD-1B) सिर्फ पुरानी regime में मिलती है; नई regime में सिर्फ employer का योगदान (80CCD-2, 14% तक) छूट में आता है।
NPS निकासी नियम 2026 (नए नियम)
| नियम | विवरण |
|---|---|
| 60 पर lump-sum | Non-govt: 80% तक (₹8 लाख तक कॉर्पस पर 100%); सरकारी: 60%* |
| Annuity | Non-govt कम से कम 20%, सरकारी 40% (₹12 लाख+ कॉर्पस पर)* |
| Tax | कॉर्पस का 60% tax-free; ऊपर का lump-sum और annuity पेंशन slab से taxable |
| Extra छूट | 80CCD(1B): ₹50,000 (सिर्फ पुरानी regime); 80CCD(2) employer: 14% तक (नई regime में भी) |
*नियम समय-समय पर बदलते हैं – PFRDA की latest circular ही final मानी जाती है। UPS (Unified Pension Scheme) सरकारी कर्मचारियों का नया विकल्प है – nps-pension-guide blog में पूरी तुलना है।
NPS के 6 फायदे
- सबसे सस्ता retirement product – fund charges ~0.01% (mutual fund से 100x सस्ता!)।
- टैक्स छूट – पुरानी regime में extra ₹50K (80CCD-1B); नई regime में भी employer योगदान (14% तक) पर छूट।
- Equity exposure – 75% तक equity (active choice) से long-term growth।
- Tier-2 – बिना lock-in वाला flexible account भी खोल सकते हैं।
- Auto rebalancing – उम्र के साथ equity अपने आप घटता है (auto choice)।
- PRAN portable – नौकरी बदले, NPS साथ चलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
NPS पर कितना return मिलता है?
पिछले 10+ साल में Tier-1 equity ने ~10–12%, overall ~9–10% दिया है। Market-linked है, guarantee नहीं – calculator में 9–10% डालें।
NPS में tax छूट कैसे मिलती है?
पुरानी regime: 80CCD(1) ₹1.5L (80C के अंदर) + 80CCD(1B) extra ₹50,000। नई regime: ये दोनों नहीं मिलतीं – सिर्फ employer contribution (80CCD(2), सैलरी का 14% तक) पर छूट।
60 से पहले NPS निकाल सकते हैं?
हाँ, partial withdrawal: अपने योगदान का 25% तक, खास कारणों से, 60 से पहले max 4 बार (बीच में 4 साल का अंतर)। Premature exit में कॉर्पस ₹5 लाख तक हो तो 100% निकासी, वरना 20% एकमुश्त + 80% annuity।
NPS vs Mutual Fund – retirement के लिए?
NPS: सस्ता + tax छूट + lock-in (discipline)। MF: flexible + ज़्यादा return संभावना। smart combo = दोनों!
UPS क्या है?
Unified Pension Scheme – सरकारी कर्मचारियों के लिए assured पेंशन (last pay का ~50%) वाला नया विकल्प। NPS vs UPS तुलना nps-pension-guide blog में।
सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें: