🏦 Savings Account Interest Rates 2026 – SBI से लेकर Small Finance Bank तक पूरी तुलना
अंतिम अपडेट: 1 सितंबर 2026 · पढ़ने का समय: ~10 मिनट
आपका पैसा सेविंग्स अकाउंट में कितना कमा रहा है? ज्यादातर लोग अपनी सैलरी SBI, HDFC या ICICI के अकाउंट में रखते हैं और साल भर में सिर्फ 2.5% ब्याज पाते हैं – जबकि कुछ बैंक इसी पैसे पर 6-7% तक दे रहे हैं। ₹3 लाख के बैलेंस पर यह फर्क सालाना ₹12,000 से ज्यादा का होता है। इस गाइड में 2026 की ताजा दरों, ब्याज की गणना और सही अकाउंट चुनने के तरीके पर पूरी जानकारी।
1. सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज कैसे मिलता है?
2011 से RBI के नियम के अनुसार बैंक सेविंग्स अकाउंट पर रोज के बैलेंस के हिसाब से ब्याज देते हैं – यानी महीने के आखिरी बैलेंस से नहीं, बल्कि हर दिन के बैलेंस से। ब्याज हर तिमाही (हर 3 महीने) में खाते में जमा होता है। इसलिए सैलरी आते ही पैसा लंबे समय तक अकाउंट में पड़ा रहे, तो उस पर पूरा ब्याज मिलता है।
गणना का उदाहरण: ₹50,000 का बैलेंस 3% पर = प्रति दिन ब्याज ≈ ₹4.1, यानी तिमाही में करीब ₹375। छोटी रकम लगती है, लेकिन बड़े बैलेंस पर फर्क साफ दिखता है।
2. 2026 में प्रमुख बैंकों की दरें
अलग-अलग स्रोतों (अगस्त 2026) के आधार पर दरें लगभग इस प्रकार हैं – बैंक समय-समय पर बदलते रहते हैं, इसलिए खाता खोलने से पहले बैंक की वेबसाइट पर ताजा दर जरूर देखें:
| बैंक | दर (सालाना, लगभग) | नोट |
|---|---|---|
| SBI | 2.50% (flat) | हर बैलेंस पर एक समान |
| HDFC बैंक | 2.50% – 3.50% | खाते/बैलेंस के हिसाब से |
| ICICI बैंक | 2.50% (flat) | हर बैलेंस पर एक समान |
| Axis बैंक | 2.50% – 3.50% | स्लैब-आधारित |
| Kotak Mahindra | 2.50% (flat) | पहले 4% तक था, अब एक समान |
| Bank of Baroda | 2.50% – 4.75% | बैलेंस स्लैब के हिसाब से |
| PNB | 2.50% – 4.25% | बैलेंस स्लैब के हिसाब से |
| IDFC FIRST | 2.50% – 6.50% | ₹3 लाख से ऊपर 6.50% तक |
| IndusInd बैंक | 3.50% – 6.00% | स्लैब-आधारित |
| AU Small Finance Bank | 6.75% तक | बड़े बैलेंस पर सबसे ज्यादा दरों में |
| RBL बैंक | 7.50% तक | स्लैब-आधारित, सबसे ऊंची दरों में |
| Ujjivan SFB | 3.50% – 7.50% | स्लैब के हिसाब से, सबसे ऊंची दरों में |
साफ पैटर्न दिखता है: बड़े बैंक कम दर देते हैं, छोटे (small finance) बैंक ज्यादा। लेकिन बैंक चुनते समय सिर्फ दर नहीं देखनी – सुविधा, शाखाएं, ऐप, न्यूनतम बैलेंस की शर्तें भी मायने रखती हैं।
3. क्या सेविंग्स अकाउंट का पैसा सुरक्षित है?
हाँ – हर बैंक (सरकारी, प्राइवेट, small finance) पर DICGC का बीमा लागू है: बैंक डूबने पर आपके जमा पर ₹5 लाख तक (मूलधन + ब्याज) सुरक्षा मिलती है। यानी एक ही बैंक में ₹5 लाख से ज्यादा न रखें – जरूरत हो तो अलग-अलग बैंकों में बांटें। सरकारी बैंकों पर सरकार की मालिकाना गारंटी भी अलग से भरोसा देती है।
4. न्यूनतम बैलेंस और फीस से बचें
कई प्राइवेट बैंक न्यूनतम बैलेंस (₹10,000-12,000) न रखने पर हर महीने पेनल्टी लेते हैं। बचने के तरीके:
- BSBDA (बेसिक सेविंग्स अकाउंट): हर बैंक में यह जीरो-बैलेंस अकाउंट अनिवार्य रूप से उपलब्ध है
- Kotak 811 जैसे डिजिटल अकाउंट: जीरो बैलेंस, पूरी तरह ऑनलाइन खुलता है
- सैलरी अकाउंट: जब तक सैलरी आती है, आमतौर पर कोई न्यूनतम बैलेंस शर्त नहीं
- जूनियर/सीनियर अकाउंट: कई बैंकों में बच्चों और बुजुर्गों के लिए छूट
पेनल्टी से बचने का सबसे आसान तरीका: अकाउंट खोलते समय मिनिमम बैलेंस की शर्त पूछना और उसे पूरा रखना।
5. ब्याज पर टैक्स
सेविंग्स अकाउंट का ब्याज कर योग्य आय है, लेकिन:
- धारा 80TTA (पुरानी व्यवस्था): सामान्य लोगों को सेविंग्स ब्याज पर ₹10,000 तक की छूट
- धारा 80TTB: वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज आय पर ₹50,000 तक की छूट
- TDS: बैंक सेविंग्स ब्याज पर तभी TDS काटते हैं जब कुल ब्याज सालाना ₹50,000 (वरिष्ठ ₹1 लाख) से ज्यादा हो – जो आम लोगों के लिए दुर्लभ है
ज्यादा जानकारी के लिए Income Tax गाइड और नए टैक्स स्लैब गाइड पढ़ें।
6. सही सेविंग्स अकाउंट कैसे चुनें?
- जरूरत पहचानें: सिर्फ सैलरी/खर्च के लिए या बचत बढ़ाने के लिए? दूसरे मामले में ज्यादा ब्याज वाला बैंक चुनें
- दर + शर्तें दोनों देखें: ज्यादा दर वाले अकाउंट में अक्सर ज्यादा न्यूनतम बैलेंस या बड़े बैलेंस की शर्त होती है
- सुविधा देखें: ATM नेटवर्क, ऐप, UPI, ब्रांच की पहुंच
- ₹5 लाख से ज्यादा जमा अलग-अलग बैंकों में रखें – DICGC कवर का पूरा फायदा लेने के लिए
- सीनियर सिटीजन अकाउंट: कई बैंक 60+ पर ज्यादा दर और छूट देते हैं – पूछकर देखें
7. सेविंग्स अकाउंट के प्रकार
- रेगुलर सेविंग्स अकाउंट: आम खाता – ब्याज, ATM, चेकबुक, नेट बैंकिंग सब मिलता है
- सैलरी अकाउंट: कंपनी खोलती है – जब तक सैलरी आती है, आमतौर पर जीरो बैलेंस; नौकरी छूटने पर रेगुलर में बदल जाता है
- BSBDA (बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट): जीरो बैलेंस, हर बैंक में मुफ्त में उपलब्ध – लेकिन सुविधाओं की कुछ सीमाएं
- सीनियर सिटीजन अकाउंट: 60+ के लिए – कई बैंकों में ज्यादा ब्याज और मुफ्त सुविधाएं
- माइनर/बच्चों का अकाउंट: 18 से कम उम्र के लिए अभिभावक के साथ – बचत की आदत के लिए
- महिला अकाउंट: कुछ बैंकों में विशेष योजनाएं (जैसे HDFC Women’s Account)
- डिजिटल/जीरो-बैलेंस अकाउंट: Kotak 811, IDFC FIRST जैसे – पूरी तरह ऑनलाइन खुलते हैं, अक्सर बेहतर दरें
8. सेविंग्स बनाम FD/RD – कब क्या?
| जरूरत | क्या चुनें | क्यों |
|---|---|---|
| रोज के खर्च, सैलरी, आपातकालीन पैसा | सेविंग्स अकाउंट | कभी भी निकासी, कोई लॉक-इन नहीं |
| 3-12 महीने की बचत, तय रिटर्न | FD (6.5-7.5%) | सेविंग्स से 2-3 गुना ज्यादा ब्याज |
| हर महीने छोटी बचत | RD (पोस्ट ऑफिस 6.7%) | अनुशासन + ब्याज |
| 3-5 साल, टैक्स बचत | पोस्ट ऑफिस TD 5 साल (7.5%) / PPF (7.1%) | सुरक्षित + 80C छूट |
सुनहरा नियम: आपातकालीन फंड (3-6 महीने का खर्च) सेविंग्स अकाउंट में, बाकी बचत FD/अन्य योजनाओं में रखें – ताकि पैसा "काम" करे।
9. अकाउंट खोलने के लिए क्या चाहिए?
- KYC दस्तावेज़: आधार + पैन (फोटो, पता, पहचान – तीनों के लिए)
- फोटो: पासपोर्ट साइज़ 2-3 कॉपी
- पासबुक/चेकबुक शुल्क: कुछ बैंकों में नाममात्र शुल्क, कई में मुफ्त
- ऑनलाइन: Aadhaar OTP से कुछ ही मिनटों में डिजिटल अकाउंट खुल जाता है (video KYC)
- नामांकन: खाता खोलते समय नॉमिनी जरूर बनाएं
9. ब्याज की गणना कैसे होती है? (उदाहरण)
सेविंग्स अकाउंट का ब्याज दैनिक न्यूनतम बैलेंस पर लगता है और हर तिमाही (जून/सितंबर/दिसंबर/मार्च के अंत में) जमा होता है। आसान उदाहरण:
- आपके खाते में ₹1 लाख जमा है और ब्याज दर 3% सालाना
- सालाना ब्याज = ₹1,00,000 × 3% = ₹3,000 (अगर पूरे साल बैलेंस बना रहे)
- हर तिमाही मिलेगा ≈ ₹750; ब्याज पर भी ब्याज (कंपाउंडिंग) के कारण असल में थोड़ा ज्यादा
- अगर महीने के आखिरी दिन पैसा निकाल लिया, तो उस दिन का ब्याज नहीं मिलेगा
इसलिए महीने के आखिरी दिन बड़ी निकासी न करें, और पैसा जमा करने के लिए महीने की शुरुआत चुनें – इससे ब्याज पर सीधा फर्क पड़ता है।
10. बैंक चुनते समय सिर्फ ब्याज ही नहीं – ये भी देखें
- न्यूनतम बैलेंस की शर्त: कुछ बैंक ₹10,000 तक रखने पर पेनल्टी लेते हैं – आपकी जरूरत के हिसाब से चुनें
- ATM/ब्रांच नेटवर्क: आपके शहर/गांव में ब्रांच और ATM कितने हैं
- ऐप और नेट बैंकिंग: UPI, बिल भुगतान, फ्री ट्रांसफर कितना आसान
- छिपे शुल्क: चेकबुक, SMS अलर्ट, डेबिट कार्ड की सालाना फीस
- DICGC बीमा: हर बैंक में ₹5 लाख तक की सुरक्षा – बड़ी राशि एक ही बैंक में न रखें, दो-तीन में बांटें
- ग्राहक सेवा: शिकायतों का समाधान कितनी जल्दी होता है (RBI ऑम्बड्समैन से पहले बैंक में ही सुलझे तो बेहतर)
11. छोटे बैंक बनाम बड़े बैंक – क्या ज्यादा ब्याज सुरक्षित है?
Small finance बैंक (SFB) और कुछ निजी बैंक 6.5-7.5% तक की दरें देते हैं – SBI की 2.5% से तीन गुना। लेकिन सवाल यह है: क्या ज्यादा ब्याज सुरक्षित है?
- हर बैंक RBI के नियंत्रण में है – चाहे छोटा हो या बड़ा; SFB भी पूरी तरह लाइसेंस्ड हैं
- DICGC बीमा: हर बैंक में ₹5 लाख तक की राशि सुरक्षित है – यानी ₹5 लाख तक का पैसा सुरक्षित ही है
- ₹5 लाख से ज्यादा: एक ही बैंक में पूरी राशि रखने की बजाय दो-तीन बैंकों में बांटना समझदारी है
- सुविधा की कमी: छोटे बैंकों में ATM/ब्रांच कम, ऐप सीमित – रोज के इस्तेमाल के लिए बड़ा बैंक रखें, बचत के लिए ज्यादा दर वाला
सबसे अच्छी रणनीति: रोज के खर्च के लिए अपना पुराना बैंक रखें + ज्यादा बैलेंस के लिए ज्यादा दर वाला दूसरा अकाउंट खोलें – दोनों का फायदा।
12. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
सवाल: किस बैंक में सबसे ज्यादा सेविंग्स ब्याज मिलता है?
2026 में small finance बैंक (Ujjivan, AU, ESAF आदि) कुछ बैलेंस स्लैब पर 6.75-7.5% तक दे रहे हैं – लेकिन अक्सर बड़े बैलेंस पर ही।
सवाल: क्या सेविंग्स अकाउंट का ब्याज रोज जुड़ता है?
ब्याज की गणना रोज के बैलेंस पर होती है, लेकिन खाते में हर तिमाही जमा होता है।
सवाल: क्या सैलरी अकाउंट पर भी ब्याज मिलता है?
हाँ – सैलरी अकाउंट भी सेविंग्स अकाउंट ही है, ब्याज की दर वही लागू होती है।
सवाल: क्या FD से ज्यादा सेविंग्स ब्याज मिल सकता है?
नहीं – FD की दरें (6-7.5%) सेविंग्स से ज्यादा होती हैं; बड़ी रकम FD में रखना ही बेहतर है। तुलना: Bank FD Rates गाइड।
सवाल: क्या मुझे सेविंग्स अकाउंट बदलना चाहिए?
अगर आपका बैलेंस ₹1 लाख से ज्यादा है और बैंक सिर्फ 2.5% दे रहा है, तो ज्यादा दर वाले बैंक में दूसरा अकाउंट खोलकर पैसा बांटना समझदारी है।
सवाल: अकाउंट खोलते समय नॉमिनी बनाना क्यों जरूरी है?
नॉमिनी होने पर मृत्यु के बाद परिवार को पैसा आसानी से मिलता है – बिना नॉमिनी के कानूनी उत्तराधिकार की प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
सवाल: क्या बच्चों का अलग सेविंग्स अकाउंट खोलना चाहिए?
हाँ – बचपन से बचत की आदत के लिए अच्छा है; ज्यादातर बैंक 10+ साल के बच्चों को माता-पिता के साथ अकाउंट देते हैं, 18 साल में अपना बन जाता है।
सवाल: क्या एक ही बैंक में एक से ज्यादा सेविंग्स अकाउंट खोल सकते हैं?
हाँ, खोल सकते हैं – लेकिन हर अकाउंट पर न्यूनतम बैलेंस की शर्त लागू होगी; दो अकाउंट रखने से ब्याज दर नहीं बढ़ती, इसलिए जरूरत न हो तो एक ही काफी है।
सवाल: क्या विदेश में रहते हुए NRE/NRO अकाउंट बेहतर है?
हाँ – NRI के लिए NRE (आय टैक्स-फ्री, पूरी तरह repatriable) या NRO (भारत की कमाई के लिए) अकाउंट खोलना चाहिए; साधारण सेविंग्स अकाउंट NRI के लिए नहीं रहता।
सवाल: क्या सेविंग्स अकाउंट में ब्याज TDS कटता है?
नहीं – सेविंग्स अकाउंट के ब्याज पर TDS नहीं कटता; ब्याज आपकी आय में जोड़कर टैक्स में दिखाया जाता है (80TTA/80TTB से छूट के बाद)।
सवाल: क्या सेविंग्स अकाउंट से क्रेडिट कार्ड मिलता है?
हाँ – कई बैंक सेविंग्स अकाउंट/सैलरी अकाउंट पर प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन ऑफर करते हैं; अच्छा बैलेंस और लेन-देन रखने से ऑफर बेहतर मिलते हैं।
सवाल: अकाउंट बंद करने पर कोई शुल्क है?
खाता बंद करना आमतौर पर मुफ्त है, लेकिन 6 महीने के अंदर बंद करने पर कुछ बैंक छोटा शुल्क लेते हैं – पूछ लें।
सवाल: क्या जॉइंट अकाउंट में ब्याज दर अलग होती है?
नहीं – जॉइंट अकाउंट पर भी वही दर लागू होती है; ब्याज खाते में ही जमा होता है।
8. सारांश
- ब्याज रोज के बैलेंस पर, तिमाही जमा – 2026 में बड़े बैंक ~2.5-3.5%, small finance ~6-7.5%
- DICGC से ₹5 लाख तक सुरक्षा – एक बैंक में सीमा से ज्यादा न रखें
- न्यूनतम बैलेंस पेनल्टी से बचने के लिए BSBDA/जीरो-बैलेंस अकाउंट विकल्प
- 80TTA ₹10,000 / 80TTB ₹50,000 की छूट (पुरानी व्यवस्था)
- ब्याज के साथ सुविधा, शाखाएं और शर्तें देखकर ही अकाउंट चुनें
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