FD पर TDS क्या है?
TDS (Tax Deducted at Source) यानी आयकर की वह राशि जो बैंक आपके FD के ब्याज से पहले ही काटकर सरकार को जमा कर देता है। आयकर अधिनियम की धारा 194A के तहत बैंक, डाकघर और सहकारी बैंक ब्याज आय पर TDS काटते हैं। 2026 में लागू नियम:
- 60 साल से कम: अगर साल भर की कुल FD/बैंक ब्याज आय ₹50,000 से ज्यादा है तो 10% TDS
- वरिष्ठ नागरिक (60+): सीमा ₹1,00,000 – इससे ज्यादा ब्याज पर 10% TDS
- PAN नहीं: PAN न होने पर 20% TDS कटता है (धारा 206AA)
कैसे काम करता है?
बैंक पूरे साल आपकी सभी FD के ब्याज का हिसाब रखता है (एक ही बैंक की सभी शाखाओं का मिलाकर)। जैसे ही कुल ब्याज सीमा से ऊपर जाता है, बैंक उस साल के ब्याज पर 10% (PAN के साथ) या 20% (बिना PAN) TDS काटकर आपके नेट ब्याज में जमा करता है।
उदाहरण: आपकी कुल FD ब्याज आय ₹75,000 है (60 से कम उम्र, PAN जमा):
- सीमा: ₹50,000 → ब्याज ₹75,000 सीमा से ज्यादा
- TDS: ₹75,000 का 10% = ₹7,500
- आपको खाते में मिलेगा: ₹67,500
15G / 15H फॉर्म क्या है?
अगर आपकी कुल आय टैक्स-फ्री सीमा से नीचे है, तो आपको TDS नहीं कटना चाहिए। इसके लिए बैंक में फॉर्म 15G (60 साल से कम) या फॉर्म 15H (60+) हर साल अप्रैल में जमा करना होता है। फॉर्म जमा करने पर बैंक ब्याज पर TDS नहीं काटता। यही कैलकुलेटर बताता है कि आपके लिए 15G/15H सही रहेगा या नहीं।
क्या TDS का मतलब टैक्स देना ही है?
नहीं – TDS सिर्फ अग्रिम कटौती (advance deduction) है। असली टैक्स ITR भरते समय तय होता है। अगर आपका पूरा टैक्स TDS से कम बनता है, तो बाकी रिफंड के रूप में वापस मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों को धारा 80TTB के तहत ब्याज आय पर ₹50,000 तक की छूट मिलती है (पुरानी व्यवस्था में) – इससे उनका TDS अक्सर पूरा रिफंड हो जाता है।
संबंधित टूल्स
FD की मैच्योरिटी: FD कैलकुलेटर | पोस्ट ऑफिस FD: पोस्ट ऑफिस TD कैलकुलेटर | टैक्स: Income Tax कैलकुलेटर | गाइड: Bank FD Rates गाइड
FD TDS कैसे निकालें?
- एक bank में सालाना कुल FD ब्याज भरें (सारी FDs जोड़कर)।
- उम्र category चुनें – general (₹50,000 सीमा) या senior citizen (₹1,00,000 सीमा)।
- PAN status बताएं – PAN हो तो 10%, न हो तो 20% TDS!
- Calculate दबाएं – TDS + net ब्याज + 15G/H eligibility दिखेगी।
- TDS कटा हो तो Form 26AS/AIS में entry ज़रूर check करें।
TDS Threshold 2026 (Budget 2025 से)
| जमाकर्ता | सालाना सीमा (प्रति bank) | TDS Rate |
|---|---|---|
| General (60 से कम) | ₹50,000 | 10% (PAN पर) |
| Senior citizen (60+) | ₹1,00,000 | 10% (PAN पर) |
| PAN न हो | वही सीमा | 20%! |
TDS से जुड़े 5 नियम
- सीमा प्रति bank है – 3 banks में ₹40K-₹40K ब्याज = किसी पर TDS नहीं (पर ITR में ₹1.2L दिखाएं!)।
- TDS ≠ Final tax – 10% कटा हो और slab 30% हो तो बाकी 20% ITR में देना होगा।
- Refund – ज़्यादा कटा TDS ITR भरने पर वापस मिलता है।
- RD ब्याज पर भी यही नियम (bank RD TDS में गिना जाता है)।
- 15G/H गलत दिया तो penalty – सिर्फ eligible हों तभी दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
FD पर TDS कब कटता है?
एक bank में सालाना ब्याज ₹50,000 (senior ₹1L) से ज़्यादा हो तो 10% TDS। सीमा से कम ब्याज पर कोई TDS नहीं।
TDS से कैसे बचें?
कुल income tax-free सीमा के अंदर हो तो bank में Form 15G (60 से कम) / 15H (senior) जमा करें। ब्याज slab से taxable फिर भी रहेगा।
PAN न देने पर क्या होगा?
20% TDS कटेगा (10% की जगह) और refund में दिक्कत होगी। Bank में PAN हमेशा update रखें।
कटा TDS वापस कैसे मिलेगा?
ITR file करें – 26AS/AIS में दिखा TDS आपकी liability से adjust होगा, extra रकम refund बनकर bank में आएगी।
क्या post office MIS/TD पर TDS है?
हां, post office ब्याज पर भी TDS नियम लागू होते हैं – सीमा से ज़्यादा ब्याज पर 10% TDS।
सरकारी नियम, ब्याज दरें, फीस और तारीखें समय-समय पर बदलती रहती हैं। कोई भी फ़ैसला लेने से पहले नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर ताज़ा जानकारी ज़रूर जांच लें: